भारत के ग्रामीण समाज पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रभाव का समाजशास्त्रीय अध्ययन

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2025
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Abstract
समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से, उज्ज्वला योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं है बल्कि महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का भी एक माध्यम है। समाजशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार, ऊर्जा की उपलब्धता जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है और ग्रामीण समाज में महिलाओं की पारिवारिक भूमिकाओं पर सकारात्मक प्रभाव डालती है (सिंह एवं डे, 2020) ।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का संकल्प ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार हो सके। इस योजना की शुरुआत 2016 में की गई थी, और इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को चूल्हे के धुएं से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचाना है। चूल्हे के धुएं के कारण अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में। इसलिए, यह योजना समाज के कमजोर वर्गों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस शोध का उद्देश्य उज्ज्वला योजना के प्रभावों का गहन समाजशास्त्रीय अध्ययन करना है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि यह योजना ग्रामीण समाज, विशेष रूप से महिलाओं और उनके परिवारों पर कैसे सकारात्मक प्रभाव डाल रही है।शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि उज्ज्वला योजना ने महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार किया है। चूल्हे के धुएँ से होने वाली बीमारियों, जैसे श्वसन रोग, में कमी आई है। इससे महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और वे अधिक सक्रियता से अन्य गतिविधियों में भाग लेने लगी हैं। महिलाओं की इस सक्रियता से उनकी सामाजिक स्थिति में भी सुधार हुआ है, जिससे परिवार और समाज में उनकी भूमिका मजबूत हुई है। आर्थिक दृष्टिकोण से, यह योजना रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी सफल रही है। स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ईंधन के उपयोग से विभिन्न छोटे उद्योगों और व्यापारों को बढ़ावा मिला है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। यह योजना न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है, बल्कि महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का भी माध्यम बनती है।पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी उज्ज्वला योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस योजना के चलते जलाऊ लकड़ी की खपत में कमी आई है। इसके अलावा, प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है, जो ग्रामीण पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक है। हालांकि, इस योजना के कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ जैसे लाभार्थियों द्वारा गैस सिलेंडर रिफिल करने में कठिनाइयाँ और कुछ स्थानों पर स्वच्छ ईंधन की पहुँच में बाधाएँ शामिल हैं। अंततः, इस अध्ययन का निष्कर्ष यह है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण समाज में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय सुधारों का एक महत्वपूर्ण स्रोत प्रस्तुत किया है। इस प्रकार, उज्ज्वला योजना न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को प्रभावित करती है, बल्कि समग्र ग्रामीण विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Reference Key
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Authors कनक लता सिंह
Journal International Journal of Science and Social Science Research
Year 2025
DOI
10.5281/zenodo.17152832
URL
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